//रात 10 बजते ही हनीप्रीत को आ जाता था बाबा का SMS, रखता था ये डिमांड

रात 10 बजते ही हनीप्रीत को आ जाता था बाबा का SMS, रखता था ये डिमांड

सिरसा। साध्वियों से बलात्कार के दोषी बाबा गुरमीत राम रहीम की कथित बेटी हनीप्रीत को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। हनीप्रीत के जिम ट्रेनर और एक साध्वी ने हनीप्रीत को लेकर कई राज खोले। सहेली ने बताया कि किस तरह संगत लगती थी तो उसी दौरान बाबा लड़कियों को नजर से निकाल लेता था। फिर रात में 10 बजते ही हनीप्रीत को मैसेज (SMS) आ जाता था कि फलां लड़की चाहिए। खुश हो अंदर जाती थी लड़कियां, बाहर आते ही हो जाती थी बोलती बंद…
– डेरे में हनीप्रीत की सहेली रही एक पूर्व साध्वी (नाम नहीं लिख सकते) की मानें तो राम रहीम और हनीप्रीत के बीच गलत रिश्ते थे।
– पूर्व साध्वी ने बताया कि सिलसिला संगत लगते वक्त ही शुरू हो जाता था। बाबा लड़कियों पर नजरसानी कर लेता था और फिर जो लड़की पसंद आ जाती थी, रात के 10 बजते ही हनीप्रीत को मैसेज आ जाता था कि फलां लड़की चाहिए।
– पूर्व साध्वी ने आरोप लगाया कि हनीप्रीत बाबा को लड़कियां सप्लाई करती थी, लेकिन जब पूछा गया कि बाबा के पास लड़कियों को कैसे अंदर भेजा जाता था, क्या बहलाया-फुसलाया जाता था या कोई और तरीका होता था तो उसने खुलासा किया कि लड़कियां अपने आप ही खुश होकर जाती थी।
साध्वी बोली-मुझसे भी कही थी माफी दिलवाने की बात
– ‘लड़कियां खुशी के मारे उछल पड़ती थी कि हमें हमारे पिता जी (बाबा राम रहीम) ने बुलाया है, लेकिन जब वापस आती थी तो कुछ बोलती नहीं थी। पता नहीं बाबा अंदर ऐसा क्या कर देता था कि एकदम चुप हो जाती थीं। एक बार मुझे भी माफी दिलवाने जैसी बात कही गई थी, पर मुझे तो पहले से पता था बाबा अंदर कैसी माफी देता है। क्या-क्या करता है। अंदर ही अंदर डर भी लगता था। बाबा बस गूंगी बना देता था।’
– साध्वी की मानें तो डेरे में हनीप्रीत राम रहीम की सबसे बड़ी राजदार थी। हनीप्रीत की वजह से बाबा अपने परिवार से दूर हो गए थे। राम रहीम की दो बेटियां हैं, लेकिन वो कभी बाबा के साथ नजर नहीं आती थी।

गरीबी दूर करने के लिए फिल्में करती थी हनीप्रीत

– जब साध्वी से पूछा गया कि हनीप्रीत ने फिल्मों का रुख क्याें किया तो उसने बताया कि सब जानते हैं हनीप्रीत गरीब घर की बेटी थी। फतेहाबाद के रहने वाले उसके माता-पिता पहले किराए पर रहते थे, फिर डेरे में रहने लगे।

– डेरे में जाने के बाद बाबा राम रहीम के करीब आने और फिल्मों में काम करने के चलते उसकी लाइफ एकदम चेंज हो गई।

बाबा को हनीप्रीत लेकर आई फिल्मों में

– जब सहेली से पूछा गया कि फिल्मों में बाबाजी हनीप्रीत को लेकर आए या फिर हनीप्रीत बाबाजी को फिल्मों में लेकर आई। तो सहेली ने कहा कि हनीप्रीत पूरे डेरे पर कब्जा जमाए हुए थी, बाबा को फिल्मों में लेकर आई।

– चौबीसों घंटे हनीप्रीत राम रहीम के साथ रहती थी, और बाबा ने भी सब कुछ हनीप्रीत के हवाले कर दिया था। बाबा का एक-एक फैसला हनीप्रीत लेती थी।

पहले कोई भरोसा नहीं करता था, पर अब कोई डर नहीं

– डेरे, डेरा प्रमुख और उसके साथ हनीप्रीत के रिश्ते के बारे में इतनी सारी बातें बताने को लेकर साध्वी से पूछा गया कि अगर ये सब आपको पहले पता था तो किसी को बताने की कोशिश क्यों नहीं की कभी?

– इस पर उसने कहा कि हमारी बातों का कोई भी भरोसा नहीं करता था। सब डरते थ्ज्ञे, जब बाबा कहता था कि बड़ी-बड़ी दुनिया मेरे सामने झुकती है, फिर आप ही बताएं हम मामूली लोग क्या कर सकते थे।

– इसके अलावा साध्वी से सवाल किया गया क्या अब आपको ये सब बताते हुए डर नहीं लगता तो उसका जवाब था, ‘अब कैसा डर। अब तो बाबा डेरे में नहीं, जेल में हैं। हमें भी डेरे से दूरी बनाए हुए एक साल हो गया है। अब हमें किसी बात का कोई डर नहीं है।’