//पुलिस को आमजन

पुलिस को आमजन

बलिया, यूपीः पुलिस को आमजन की सुरक्षा के लिए तैनात किया जाता है। लेकिन जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो आमलोग कैसे सुरक्षित महसूस कर सकते है। योगी सरकार के आने के बाद यूपी में गुंडों और बदमाशों से बेटियों को सुरक्षित रखने हेतु तमाम सख्ती बरती गई। लेकिन यहां की बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। बात सोचनीय तब हो जाती है जब सरकार ने जिस खाकी को बेटियों को सुरक्षित रखने का जिम्मा सौंपा हो। लेकिन वही खाकी उनकी अस्मत से खिलवाड़ करने लगे।

बलिया के रेवती थाना के गोपालपुरा गांव में ऐसी ही कुछ घटना सामने आई है जहां एक पुलिसवाले ने 15 साल की नाबालिग को अपने हवस का शिकार बनाना चाहा। लेकिन वक्त रहते ग्रामीणों ने नाबालिग को बचा लिया। यह घटना 19 अगस्त की है जब सुबह में पीड़िता शौच के लिए खेतों में में जा रही थी। तभी गश्त पर निकला मनचला सिपाही अकेली किशोरी को देखकर गलत नियत से उसे पकड़कर जबरन खेतों में ले जाने लगा। लेकिन एक अजनबी के द्वारा पकड़े जाने पर घबराई किशोरी की चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों को मौके पर देख आरोपी सिपाही मौके से फरार हो गया।

इस घटना की भयावहता और भी बढ़ जाती है जब ग्रामीण किशोरी के साथ हुई घटना की जानकारी उसके पिता को दी। पीड़िता के पिता ने जैसे ही घटना के बारे में सुना वो सदमे में आ गया और उसकी मौत हो गई। जिससे पूरे गांव में हाहाकार मच गया। जिसके बाद घटना से नाराज ग्रामीणों ने चौकी पर पहुंचकर फरार सिपाही की गिरफ्तारी को लेकर जमकर बवाल काटा। जिसके बाद एसडीएम